
अमृतादेवी पर्यावरण नागरिक संस्थान
सिर साटे रूख बचे तो भी सस्तो ज़ाण
पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पित एक संगठन। राजस्थान में पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण और जल संचयन के लिए कार्यरत एक स्वयंसेवी संगठन।
हमारा उद्देश्य
राजस्थान के इतिहास में जोधपुर के पास स्थित खेजड़ली ग्राम में सन् 1730 के दौरान अमृतादेवी विश्नोई व उनकी तीन बेटियों सहित 363 लोगों द्वारा वृक्षों को बचाने के लिए दिया गया बलिदान, पर्यावरण संरक्षण का एक अद्भुत और प्रेरक प्रसंग है। उनकी स्मृति में ही संस्थान का नाम ‘अमृतादेवी पर्यावरण नागरिक संस्थान’ (अपना संस्थान) रखा गया।
गतिविधियाँ
सभी देखें →जयपुर में पांचवें हरित संगम पर्यावरण मेला का आगाज
जवाहर सर्किल, जयपुर में उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी जी की उपस्थिति में अपना संस्थान द्वारा पांचवें हरित संगम पर्यावरण मेले का आगाज किया गया।
भीलवाड़ा के जोजवा में सुरभी विहार चरागाह रक्षण अभियान
भीलवाड़ा जिले के जोजवा गांव में सुविचार अभियान का दूसरा वर्ष है। अब तक 14 गांवों में 3000 बीघा से अधिक चारागाह में कार्य चल रहा है।
पंजाब के मंडी गोबिंदगढ़ में पौधारोपण और सरहिंद दर्शन
पंजाब के सरहिंद के दर्शन किए गए और चंडीगढ़ विभाग के संयोजक द्वारा गोविंदगढ़ में लगाए गए 45000 पौधों की जानकारी दी गई।
राजसमंद विभाग बैठक और उदयपुर में पौधारोपण की तैयारी
राजसमंद में विभाग और उद्योगपतियों की बैठक हुई। उदयपुर में रायता हिल का अवलोकन किया गया जहां पौधारोपण की तैयारी है।