
अमृतादेवी पर्यावरण नागरिक संस्थान
सिर साटे रूख बचे तो भी सस्तो ज़ाण
पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पित एक संगठन। राजस्थान में पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण और जल संचयन के लिए कार्यरत एक स्वयंसेवी संगठन।
हमारा उद्देश्य
राजस्थान के इतिहास में जोधपुर के पास स्थित खेजड़ली ग्राम में सन् 1730 के दौरान अमृतादेवी विश्नोई व उनकी तीन बेटियों सहित 363 लोगों द्वारा वृक्षों को बचाने के लिए दिया गया बलिदान, पर्यावरण संरक्षण का एक अद्भुत और प्रेरक प्रसंग है। उनकी स्मृति में ही संस्थान का नाम ‘अमृतादेवी पर्यावरण नागरिक संस्थान’ (अपना संस्थान) रखा गया।
गतिविधियाँ
सभी देखें →बालोतरा लघु उद्योग मंडल भवन में पर्यावरण संगोष्ठी
बालोतरा के लघु उद्योग मंडल भवन में पर्यावरण संरक्षण, जन-जागरण और स्थानीय सहभागिता पर संगोष्ठी आयोजित हुई।
अजमेर महानगर में प्रथम सघन वन राजकीय पॉलिटेक्निक
अजमेर महानगर में राजकीय पॉलिटेक्निक परिसर में प्रथम सघन वन के कार्य का विवरण साझा किया गया।
सुविचार अभियान का पांच दिवसीय जैविक कृषि प्रशिक्षण
सुविचार अभियान के अंतर्गत पांच दिवसीय जैविक कृषि प्रशिक्षण में प्राकृतिक खेती, जल-संरक्षण और ग्राम-आधारित कार्यों पर अभ्यास हुआ।
सांचौर जिला जालौर में पर्यावरण बैठक
सांचौर जिला जालौर में पर्यावरण कार्यकर्ताओं की बैठक में स्थानीय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण कार्यों की योजना पर चर्चा हुई।